उसने हरिकरन से अलग से 20 वैन को इसी स्टैंड पर लगवाकर ज्यादा वसूली कराने का लालच देकर पार्टनर बनने का प्रस्ताव दिया था। हरिकरन ने उसकी बात मान ली थी, लेकिन मात्र दो-तीन वैन ही लगने पर उसे हटा दिया था। इससे सौरभ खुन्नस रखने लगा था। कुछ चालकों का आरोप है कि सौरभ और हरिकरन के बीच 40 हजार रुपये का लेनदेन भी था, लेकिन हरिकरन नहीं दे रहा था।
मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था
सौरभ अपनी वैनों का टोकन मनी 50 रुपये और महीने के एक हजार रुपये भी नहीं दे रहा था। इसको लेकर अक्तूबर में हुई मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें तत्कालीन नौबस्ता के ट्रैफिक सबइंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बीचबचाव किया था। इसी खुन्नस में उसने शुक्रवार को हरिकरन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। नौबस्ता थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि सौरभ को जेल भेज दिया गया है।
थाने-चौकी के सामने चल रहे अवैध स्टैंड
नौबस्ता बाईपास ही नहीं पूरे कानपुर शहर में अवैध स्टैंड संचालित हैं। फजलगंज, कल्याणपुर, मूलगंज, चकेरी, जाजमऊ, सीसामऊ, बजरिया, कर्नलगंज, जूही आदि थानों के पास ही अवैध स्टैंड संचालित हैं। यहां पर पुलिस के सामने ही सवारियों को बैठाने में छीनाझपटी होती है। लेकिन वसूली के खेल के कारण पुलिस चुप रहती है। इन स्टैंड पर कई बार मारपीट और बवाल हो चुका है। इसके बाद भी अवैध स्टैंड हटाने का अभियान नहीं चलाया गया।
इन अवैध स्टैंडों से लगता है जाम
परेड, बड़ा चौराहा, माल रोड, घंटाघंर, मूलगंज, डिप्टी का पड़ाव, टाटमिल, जरीब चौकी, पीरोड, बजरिया, कल्याणपुर, रावतपुर, विजयनगर, फजलगंज, किदवईनगर, गोविंदनगर, बारादेवी, नौबस्ता, बर्रा, गुजैनी आदि अवैध स्टैंडों के कारण जाम की स्थिति रहती है।
30 से 100 रुपये तक की होती है वसूली
प्रत्येक स्टैंड से हर सवारी वाहनों से वसूली का रेट अलग-अलग है। इनमें ई-रिक्शा, ऑटो, टेंपो से प्रतिदिन 30 से 40 रुपये, ओमनी और जीप से 50 से 70 रुपये और प्राइवेट बसों से 100 रुपये प्रति दिन के हिसाब से वसूली की जाती है।
अवैध रूप से संचालित स्टैंडों को व्यवस्थित कराने के लिए जनवरी में नगर विकास विभाग को पत्र लिखा गया था। राजस्व का नुकसान न हो और जाम भी न लगे। शनिवार को भी स्टैंडों को लेकर मंडलायुक्त से वार्ता की गई है। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर
अवैध स्टैंडों की समस्या गंभीर है। पुलिस विभाग से कोई प्रस्ताव मिलता है, तो इस समस्या के समाधान का प्रयास शुरू किया जाएगा। -मो. आवेश खान, अपर नगर आयुक्त