कदम-कदम पर विधायक ने दी मात
आठ नवंबर को विधायक पर जाजमऊ में केस दर्ज हुआ। केस दर्ज होने के छह घंटे बाद पुलिस ने विधायक के घर पर दबिश दी थी। दबिश से पहले ही इरफान फरार हो गए थे। यानी उनको दबिश की जानकारी हो गई थी। दूसरे दिन वह खुलेआम लखनऊ में प्रेसवार्ता करते नजर आए। पुलिस की एक टीम शहर से लखनऊ पहुंची।
तब तक विधायक वहां से निकल गए। उसके बाद एक दिन ग्वालटोली में ही विधायक नूरी शौकत के घर रहे, लेकिन पुलिस नहीं पहुंच सकी। जब वह यहां से निकले, दिल्ली पहुंचे और वहां हैदराबाद पहुंच गए। तब पुलिस उनके पीछे पीछे वहां तक पहुंची। इससे समझिए कि किस तरह से विधायक ने कदम कदम पर पुलिस को मात दी।
हाईटेक पुलिसिंग की भी खुली पोल
नौ नवंबर को इरफान सोलंकी अपने मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। मीडियाकर्मियों व अन्य तमाम लोगों ने उन्होंने अपने तीन वीडियो बयान व्हाट्सएप पर भेजे थे। उसी दिन दोपहर एक बजकर 10 मिनट पर प्रेसवार्ता संबंधी एक नोट भेजा था।
इसमें जानकारी दी गई थी कि उनके परिवार वाले प्रेसवार्ता करेंगे। सवाल है कि जब उनका मोबाइल एक्टिव था, वह व्हाट्सएप चला रहे थे तो पुलिस क्या कर रही थी। एक तरह से हाईटेक पुलिसिंग की पोल खुल गई। न ट्रेस कर सकी और न ही पकड़ सकी।