जेल गेट के बाहर मौजूद मीडिया कर्मियों से भी इरफान बात करना चाहते थे, तो पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठा दिया। इस पर भी इरफान ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि धक्का क्यों देते हो? सवा 10 बजे विधायक को लेकर काफिला यहां से रवाना हुआ।
काफिले में पांच गाड़ियां थीं, विधायक को बीच वाली गाड़ी में बैठाया गया था। पीछे-पीछे उनके परिवार और समर्थकों की गाड़ियां भी रवाना हुईं। सपा विधायक हाथ में कुरान और आंखों में आंसू लेकर रवाना हुए। सवा सात घंटे में 415 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर काफिला महाराजगंज पहुंचा।
इरफान पर पांच एफआईआर, सुरक्षा के लिहाज से किया गया शिफ्ट
इरफान के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से उन्हें महाराजगंज जेल भेजा गया है। उन्होंने इस संबंध में एक रिपोर्ट बनाकर शासन को दी थी। इसके बाद शासन ने यह फैसला लिया है।
पत्नी बोलीं, बहुत दूर भेज दिया
इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी जेल के बाहर मौजूद थीं। उन्होंने इरफान को देखते ही हाथ हिलाया। इरफान का काफिला रवाना होने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें बहुत दूर भेज दिया। पता नहीं वहां तक बच्चे मिलने जा पाएंगे या नहीं? सरकार बदले की भावना से काम कर रही है, उनके पति सुरक्षित नहीं हैं।
कमिश्नर आवास में सरेंडर के बाद से जेल में बंद हैं सोलंकी
इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान के खिलाफ सात नवंबर को जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी निवासी उनकी पड़ोसिन नजीर फातिमा ने घर में आग लगाने और धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद इरफान फरार हो गए थे।
इस बीच उनके खिलाफ फर्जी आधार कार्ड बनवाने और उसकी मदद से फ्लाइट से यात्रा करने के मामले में भी धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की तो इरफान ने दो दिसंबर को कानपुर पुलिस कमिश्नर के आवास पर सरेंडर कर दिया था। इसके बाद से वे जेल में बंद हैं।