बुद्धिमान व्यक्ति को निरंतर अपनी संतान को सद्गुण, सद्व्यवहार व उत्कृष्ट आचरणों का ज्ञान देते रहना चाहिए, क्योंकि शील संपन्न व नीतिज्ञ मानव ही सभी जगह सम्मानित होते हैं। यह विचार आचार्य अभिषेक शुक्ल ने काली मठिया, स्वरूपनगर स्थित बाबा महाकालेश्वर मंदिर के 26वें वार्षिकोत्सव पर श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को दिए। वहीं, ज्योतिषाचार्य नरेंद्र शास्त्री ने कपिल- देवहूति संवाद का वर्णन किया। कहा कि सतपुरुषों की संगति मोक्ष का द्वार है। इस अवसर पर नगर आयुक्त सुधीर कुमार, संघ के प्रांत प्रचारक श्रीराम, प्रांत संघचालक भवानी भीख, अजित श्रीवास्तव, अनीता अग्रवाल, विष्णु झा, मीना आदि मौजूद रहे।