कानपुर। ईरान के सुप्रीम लीडर की शहादत के बाद मुस्लिम समुदाय में शोक की लहर है। सोमवार को जूही स्थित शिया जामा मस्जिद में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने एक साथ कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। मौलाना अलमदार हुसैन ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर ने कभी शिया और सुन्नी में कोई फर्क नहीं किया। उन्होंने कहा खामनेई ने हमेशा सच और मजलूमों का साथ दिया। मौलाना अब्बास मेहंदी ने कहा कि खामनेई की शहादत के बाद जो जगह खाली हुई है उसकी भरपाई मुश्किल है। इस दौरान हाजी इशरत अली, मो. सईद अर्शी, मौलाना फिरोज हैदर, नायाब आलम, दानिश रिजवी, आमिर अब्बास, मो. बाकर अली और शारिब अब्बास मौजूद रहे। ब्यूरो