कानपुर देहात। रसूलाबाद क्षेत्र के घाघू गांव में करीब पांच साल पहले एक विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकी मिली थी। मृतका के पिता ने पति समेत सभी ससुरालियों पर दहेज के लिए पुत्री की हत्या करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को आरोपी पति, जेठानी व ससुर को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें सात साल के कारावास की सजा सुनाई साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
कन्नौज जिला के गुरसहायगंज बहादुरपुर निवासी रमेशचंद्र ने रसूलाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री प्रीती की शादी 17 मई 2019 को रसूलाबाद क्षेत्र के घाघू निवासी अखिलेश के साथ की थी। शादी में उसने ढाई लाख रुपये नकद सहित मोटरसाइकिल व अन्य घरेलू समान दिया था। इसके बाद भी ससुरालीजन संतुष्ट नहीं थे। अक्सर उसकी पुत्री को अतरिक्त दहेज की मांग कर उसे प्रताड़ित करते थे।
एक अगस्त 2019 अतरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पति अखिलेश, ससुर गेंदनलाल, जेठ विमलेश, जेठानी संगीता व देवर अवनीश ने उसकी पुत्री की हत्या कर फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपी पति अखिलेश, ससुर गेंदनलाल व जेठानी संगीता के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। वहीं अन्य आरोपियों के नाम हटा दिए थे। मामले की सुनवाई अपर जिलाजज/एफटीसी प्रथम सुरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पति ,ससुर व जेठानी को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं।