कहा गया कि- परिवारों को पाकिस्तान भेज दें
उससे कहा गया कि इस परिवार को छोड़कर पाकिस्तान भेज दें। कई अन्य अंतरराष्ट्रीय कॉल आई हैं। ये कॉल व्हाट्सएप होती हैं। इन कॉल्स की जानकारी भी एजेंसियां जुटा रही हैं। उधर दिल्ली से वीजा आदि संबंधी कागज रविवार को चित्रकूट पहुंचे, जिनका मिलान कराया गया है।
उच्चायुक्त को भेजी गई है रिपोर्ट
अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फोन कॉल से लेकर परिवार के आने, ठहरने, कागजात, वीजा, अखाड़ा से संबद्ध आदि सभी विषयों की जांच की गई है। इसकी रिपोर्ट लखनऊ और दिल्ली के उच्चायुक्त को भेजी गई है। वहां से निर्देश आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संग्रामपुर गांव पहुंचे थे 15 लोग
जानकारी के अनुसार, जिले में पाकिस्तान के दो हिंदू परिवारों के 15 लोग शुक्रवार को जिले के संग्रामपुर गांव पहुंचे। स्वयंसेवी संस्था चलाने वाले के घर पाकिस्तानियों के ठहरे होने की जानकारी मिलते ही भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही एलआईयू और पुलिस की टीमें गांव पहुंच गईं। घर की घेराबंदी कर पाकिस्तानियों से घंटों पूछताछ की।
दो माह पूर्व पाकिस्तान से भारत आए थे
कमलेश ने घर पर ही इनके रुकने का इंतजाम किया। पाकिस्तानियों के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इससे गांव में हलचल मच गई। पाकिस्तान के कराची स्थित खैरपुर निवासी राकेश कुमार और संतोष कुमार ने बताया कि बेरोजगारी और महंगाई के चलते लगभग दो माह पूर्व पाकिस्तान से भारत आए थे।
पुलिस खंगाल रही है सबका रिकॉर्ड
पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है। पाकिस्तानियों से किसी को मिलने नहीं दिया जाएगा। अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि पाकिस्तानियों के कागजात की जांच की जा रही है। सभी के बयान लिए जा रहे हैं। मामला पाकिस्तान से जुड़ा होने के कारण गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से अभी कुछ कह पाना मुश्किल है। इनको लाने वाले का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।