अपने नियमित रूट से चलने लगीं ये 26 ट्रेनें
मरम्मत की वजह से झांसी से भीमसेन होकर कानपुर सेंट्रल के बीच चलने वाली 26 ट्रेनों का भी निर्धारित रूट पर संचालन 15 जुलाई से होने लगेगा। इनमें 11123 ग्वालियर -बरौनी और 11124 बरौनी -ग्वालियर, 15065 गोरखपुर -पनवेल, 15067 गोरखपुर-बांद्रा, 15066 पनवेल-गोरखपुर, 15030 पुणे-गोरखपुर, 22534 यशवंतपुर-गोरखपुर, 12143 एलटीटी-सुल्तानपुर, 12144 सुल्तानपुर-एलटीटी, 12173 एलटीटी-प्रतापगढ़, 12174 प्रतापगढ़-एलटीटी, 12591 गोरखपुर -यशवंतपुर, 12943 वलसाड-कानपुर सेंट्रल, 16093 चेन्नई -लखनऊ, 16094 लखनऊ -चेन्नई, 12107 एलटीटी-सीतापुर, 11079 एलटीटी-गोरखपुर, 11080 गोरखपुर-एलटीटी, 12511 गोरखपुर-कोचुवेल्ली, 12589 गोरखपुर-सिकंदराबाद, 12521 बरौनी-एर्णाकुलम, 22533 गोरखपुर-यशवंतपुर, 15023 गोरखपुर-यशवंतपुर, 15024 यशवंतपुर-गोरखपुर, 18204 कानपुर सेंट्रल-दुर्ग, 18203 दुर्ग-कानपुर सेंट्रल ट्रेनें शामिल हैं।
झांसी मेमू का शेड्यूल भी बदला
01813 झांसी-कानपुर मेमू भी झांसी स्टेशन से सुबह 8:50 बजे चलेगी और ट्रेन नंबर 01813/01814 झांसी-कानपुर मेमू भी कानपुर से झांसी के बीच चलेगी। इस दौरान यह ट्रेन झांसी से उरई के बीच ही चल रही थी।
17.24 किमी रेलवे मार्ग के दोहरीकरण का सीआरएस ट्रायल
भीमसेन से झांसी तक रेलवे मार्ग के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के काम के एक सेक्शन पामा-भीमसेन (17.24 किमी) का काम पूरा हो गया। गुरुवार को पूर्वोत्तर सर्किल के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ खान ने इस रेलखंड का ट्रायल किया। उन्होंने डाली गई नई रेलवे लाइन और विद्युतीकरण के काम को परखा। इस काम के पूरा होने से अब कानपुर से पामा स्टेशन तक डबल ट्रैक से ट्रेनों का परिचालन हो सकेगा। झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि इस काम को रेल विकास निगम करा रहा है। दिसंबर 2022 तक यह काम पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने से कानपुर से झांसी तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। कानपुर से झांसी आना जाना आसान होगा। झांसी तक अभी एकल ट्रैक होने से मुंबई रूट की ट्रेनें झांसी से कानपुर तक सबसे ज्यादा लेट होती हैं। इस काम के पूरा होने पर मुंबई रूट की ट्रेनें भी बढ़ेंगी।