कानपुर। केंद्र सरकार जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेने और गिरफ्तारी के लिए कोर्ट का आदेश अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। आठ अक्तूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार की उम्मीद है। इसके साथ जीएसटी चोरी के आपराधिक मामले शुरू करने की सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी में सुधार होने से कारोबारी माहौल के साथ और पारदर्शिता बढ़ेगी। सुधारों में अभियोजन का दायरा सीमित करने की बात है ताकि वर्गीकरण, मूल्यांकन और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े सामान्य विवादों में आपराधिक कार्रवाई न हो। जीएसटी पंजीकरण आसान करने, रिफंड में तेजी, आईटीसी प्रक्रिया सरल करने तथा कारण बताओ नोटिस और दंड संबंधी प्रावधानों में बदलाव भी प्रस्तावित हैं। फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेना एक अच्छा कदम होगा। कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री कृपाशंकर त्रिवेदी ने बताया कि व्यापार मंडल लंबे समय से जीएसटी के कानूनों के सरलीकरण की मांग कर रहा है। सुधार लागू होते हैं तो इससे राजस्व भी बढ़ सकेगा। (ब्यूरो)