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सोनाली ने बताई अपनी 'आपबीती', आप भी सावधान रहें ऐसे 'इंसानी शैतान अंकल' से

Mon, 08 Jan 2018 05:24 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मेरी आपबीती
हमारे बीच कुछ ऐसे इंसानी शैतान रहते हैं जो मासूमियत और नासमझी का फायदा उठाकर छेड़छाड़, कुकर्म, दुष्कर्म जैसे घिनौने अपराधों को जन्म देते हैं। आज हमारे पास एक ऐसी ही लड़की की कहानी है जिसके साथ किसी अपने ने गलत काम कर दिया। किशोरावस्था में अपने ही घर पर उसने इतने दर्द झेले कि आज तक वह उबर नहीं पाई है। उसे रह-रह कर पुराने दिनों की बातें याद आती हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़ें 'सोनाली की आपबीती'...

 

 
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मेरी आपबीती

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आपबीती
अमर उजाला की प्रस्तुति 'आपबीती' में आज हम आपको इटावा की सोनाली सिंह (काल्पनिक नाम) की कहानी बताने जा रहे हैं। सोनाली लिखती हैं कि ये बात साल 2001 की रही होगी। उन दिनों वह कक्षा 9 की छात्रा थीं। पड़ोस में रहने वाले होम्योपैथी डॉ. विनोद कुमार (काल्पनिक नाम) का अक्सर घर में अक्सर आना जाना रहता था। डॉक्टर को हम अंकल जी कहकर बुलाते थे। पापा से डॉक्टर अंकल की दोस्ती थी। रविवार का दिन था परिवार के सभी लोग रिश्तेदार के घर फंक्शन में गए हुए थे। उसी दिन दोपहर में डॉक्टर अंकल घर आए। उन्होंने मुझसे पूछा कि घर में बड़ा सन्नाटा है कोई है नहीं क्या।
 

 
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उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और...

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मेरी आपबीती
मैने उनसे कह दिया कि सभी लोग बाहर गए हुए हैं तो डॉक्टर अंकल सोफे पर बैठ गए। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे प्यास लगी है एक गिलास पानी ले आओ। मैं जब उनके लिए पानी भरा गिलास लेकर आई तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती करने लगे। मैं रोती रही, चिल्लाती, गिड़गिड़ाती रही लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। मेरी आवाज दबाने के लिए टीवी चलाने के बाद उन्होंने वॉल्यूम तेज कर दिया और मेरे साथ अत्याचार किया। इसके बाद भी डॉक्टर अंकल शांत नहीं हुए। मुझे धमकियां देकर अपने घर में बुलाते थे और मेरे साथ गलत काम करते थे।

उनकी धमकियों से मुझे बहुत डर लगता था

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मेरी आपबीती
लगभग छह महीने तक मैं उनके द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को सहन करती रही। उनकी धमकियों से मुझे बहुत डर लगता था। एक दिन मैने अपने पापा से कहा कि वह मेरा एडमिशन कानपुर के किसी स्कूल में करा दें। डॉक्टर अंकल ने मेरे साथ जो भी किया मैने उसके बारे में कभी भी अपने घरवालों को नहीं बताया। जब मेरा एडमिशन कानपुर में हो गया तो मैने राहत की सांस ली।
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अपनी बेटियों का खुद से ज्यादा ख्याल रखती हूं

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आज मेरी उम्र 32 साल है। अब मेरी शादी हो चुकी है दो बेटियां भी हैं। मैं अपने परिवार के साथ बहुत खुश हूं। अपनी बेटियों का खुद से ज्यादा ख्याल रखती हूं किसी भी अनजान शख्स को मेरे घर के बेडरूम तक आने की इजाजत नहीं है। मैं अपनी बेटियों को कभी भी अकेले नहीं छोड़ती हूं। बुरे सपने की तरह मैने अपने साथ उन छह महीनों में हुए अत्याचार को भुलाने की कोशिश की लेकिन उसके जख्म आज भी मेरे दिल और दिमाग में हैं। 
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सोनाली का संदेश

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मेरी आपबीती
बेटियों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर बच्ची समझदार है तो ही उसे किसी विश्वासपात्र के साथ कहीं बाहर भेजना चाहिए। अगर आपका बच्चा गुमसुम रहने लगे तो उससे उसकी परेशानियों के बारे में जरूर पूछें। 
 
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एक्सपर्ट्स के सुझाव

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लड़कियों के साथ शोषण की घटनाओं को रोकने और उन्हें अलर्ट करने के लिए हमने अलग-अलग एक्सर्ट्स से राय मांगी। न्यू लीलामनी हॉस्पिटल, कानपुर की मनोचिकित्सक डॉ. जया ने बताया कि माता-पिता को अपनी बेटी के साथ हमेशा बातचीत बनाए रखना चाहिए। अक्सर बच्चियां समझ ही नहीं पातीं और उनके साथ गलत काम हो रहा है ऐसे में उन्हें जागरूक करने की जरूरत है। स्कूलों में लड़कियों को इस बारे में सिखाना चाहिए। बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग करानी चाहिए। बेटी के व्यवहार में बदलाव आए तो उससे तुरंत बात करनी चाहिए। सबसे ज्यादा किशोरावस्था में लड़की का खास खयाल रखने की जरूरत है। बच्चों को सेक्स एजूकेशन बहुत जरूरी है। 'पैड मैन' जैसी मूवी समाज को एक बड़ा संदेश देती है ऐसी ही लघु फिल्में बनाकर बच्चों को चाइल्ड अब्यूस (बाल शोषण) के बारे में बताना चाहिए। 

 
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यहां भेज सकते हैं 'आपबीती के संदेश' और कहानियां

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अगर आपके साथ भी ऐसा कभी कुछ हुआ हो तो आप हमसे संपर्क कर अपनी आपबीती साझा कर सकते हैं और देश व समाज को संदेश दे सकते हैं। आपका नाम और पहचान गोपनीय रखा जाएगा। हमारा उद्देश्य रिश्तों में फैली बीमारी को दूर करना और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित समाज देना है। एक कदम आप चलें और 'अपनी आप बीती' हमें बतायें हम आपकी सच्ची कहानी को आपकी पहचान छुपाते हुए समाज तक पहुंचाएंगे ताकि दूसरों के साथ ऐसा न हो और ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा सके। हमारे व्हाट्सएप नंबर 9307263778, 9451700836, 8933873654 है। इस पर आप अपनी आपबीती अपनी पहचान को गुप्त रखते हुए लिखकर भेज सकते हैं। इसके अलावा हमारे फेसबुक पेज aukanpur के मैसेज बॉक्स पर जाकर भी हमें संदेश भेज सकते हैं।

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