माई सिटी रिपोर्टर आदर्श त्रिपाठी कानपुर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रवासी मजदूरों को पांच करोड़ रुपये की लागत तक रोजगार मुहैया कराएगा। मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के दोनों तरफ डेढ़ डेढ़ मीटर चौड़ी मिट्टी की पटरी बनाई जाएगी इस काम के जरिए पीडब्ल्यूडी प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराएगा। शासन के निर्देश पर सड़कों का सर्वे कराकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। शासन की मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक पहले हर गांव में रोड के दोनों किनारे कच्ची पगडंडी बनाई जाती थी। बैलगाड़ी पैदल यात्री आदि इसी के जरिए आते जाते थे। ग्रामीण सड़कों के पतली होने के कारण दो वाहनों के क्रॉस करने में भी यह पगडंडी फायदेमंद साबित होती थी। धीरे धीरे शासन की ओर से पगडंडी की बजाए सिर्फ सड़क निर्माण का पैसा जारी होने लगा। इस पर ठेकेदारों ने पगडंडी बनानी लोगों ने इसे अपने खेतों में शामिल कर लिया या फिर मिट्टी की खुदाई कर ली गई। शासन की ओर से प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का सर्वे कराने के बाद पीडब्ल्यूडी ने नए सिरे से पटरी बनाने की तैयारी की है।