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Aunpam Dubey: बसपा नेता अनुपम की 70 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ट्रस्ट की जमीन में हुआ था खेल, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 24 May 2023 04:02 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad Crime: अर्रापहाड़पुर में श्री हनुमानजी विराजमान ट्रस्ट की जमीन में खेल हुआ था। मामले में बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे की 70 करोड़ रुपये कीमत की जमीन कुर्क कर ली गई है।
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बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे की जमीन कुर्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्रुखाबाद जिले के अर्रापहाड़पुर में श्री हनुमानजी विराजमान ट्रस्ट की जमीन में बड़ा खेल हुआ था। मामले में मुकदमे के बाद गैंगस्टर के आरोपी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे की 70 करोड़ रुपये कीमत की जमीन कुर्क कर ली गई। तहसीलदार की देखरेख में मुनादी कराने के बाद इसे कब्जे में ले लिया गया।

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कुर्की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल मुस्तैद रहा। मऊदरवाजा थाने के गांव अर्रापहाड़पुर में श्री हनुमानजी विराजमान ट्रस्ट की साढ़े चार हेक्टेयर जमीन पड़ी है। उसे कागजों में हेरफेर करके गैंगस्टर के आरोपी डॉ. अनुपम दुबे आदि के नाम करवाया गया। इसके इस जमीन के कई बैनामे और इकरारनामा किया गया।
इस मामले में बीबीगंज के एकलव्य कुमार ने मऊदरवाजा थाने में डॉ. अनुपम दुबे समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिलाधिकारी ने 18 मई को आदेश पारित कर इस जमीन को कुर्क करने के आदेश दिए थे। इसके तहत तहसीलदार श्रद्धा पांडेय, राजस्व टीम और थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे।

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अवैध कार्यों से अर्जित की थी जमीन
वहां नापजोख की औपचारिकता पूरी करते हुए इस जमीन को कुर्क करने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार ने बताया कि यह संपत्ति अवैध कार्यों को अंजाम देकर अर्जित की गई थी। डीएम के आदेश पर कुर्की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। सर्किल रेट से इसकी कीमत 70 करोड़, नौ लाख, 60 हजार रुपये है।

क्रेता व विक्रेता नहीं दे पाए जवाब
जिलाधिकारी ने इस संपत्ति के खरीदार और विक्रेता डॉ. प्रभात कुमार गुप्ता आदि को नोटिस जारी किए थे। इसमें उनसे मांगा गया कि खरीद के दौरान खर्च की गई रकम के बावत अपना पक्ष प्रस्तुत करके साक्ष्य दें। मगर कोई भी इसके साक्ष्य नहीं दे सके। लिहाजा साफ हो गया कि यह बैनामी संपत्ति है।
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सिटी मजिस्ट्रेट के अधीन हो संपत्ति
मुकदमे के वादी एकलव्य ने तहसीलदार श्रद्धा पांडेय पर अविश्वास जताया। कहा कि उन्होंने इस जमीन को अपने अधीन रखा है। इसके बाद यदि ग्राम प्रधान को इसका अधिपत्य दिया गया, तो वह न्याय लेने की आगे कार्रवाई करेंगे। इस जमीन का रिसीवर सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव को बनाया जाए।
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