कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के लौट गई। कॉलेज कैंपस में एक से सात मार्च के बीच कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। छात्रों का आरोप था कि आयोजन करने वाली कमेटी ने पैसे लेकर कार्यक्रम में निजी क्लीनिक को प्रचार करने की अनुमति देकर कॉलेज और अस्पताल को नुकसान पहुंचाया।
मरीजों को बेचने का काम किया। इसे लेकर कमेटी, निजी क्लीनिक के कर्मचारियों, कॉलेज छात्रों व पूर्व छात्रों के बीच हाथापाई व गाली गलौज हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस लोगों को समझा बुझाकर चली गई। प्रकरण सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हुआ, तो खलबली मच गई।
प्राचार्य बोले- जांच कराई जाएगी
प्रबंधन ने कैंपस, अस्पताल और हॉस्टल से सारे होर्डिंग व बैनर उखाड़ कर फेंक दिए। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश वर्मा ने रुपयों के लेनदेन की बात से इन्कार किया। बताया कार्यक्रम में निजी संस्थान को प्रायोजक के तौर पर होर्डिंग लगाने की अनुमति कैसी दी गई, इसकी जांच कराई जाएगी।
कॉलेज के ये डॉक्टर थे कमेटी में
कार्यक्रम के आयोजन के लिए मेडिकल कॉलेज के ही डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई थी। प्राचार्य डॉ. राजेश वर्मा की ओर से गठित कमेटी में डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ. रेखा पांडेय और डॉ. मनोज कुमार शर्मा शामिल थे।