हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के कुलपति की दौड़ में अब कन्नौज इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक और आईईटी लखनऊ के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के शिक्षक प्रो. एमजेड खान का नाम शामिल हो गया है। उनके नाम का अनुमोदन मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कर दिया। अब प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मोनिका एस गर्ग आदेश जारी करेंगी, फिर प्रो. एमजेड खान कुलपति बन पाएंगे। एचबीटीयू के कुलपति की नियुक्ति में प्रोफेसर पद पर 10 साल तक काम करने की अनिवार्यता है। यह मानक मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह नहीं पूरा कर रहे थे। प्रो. ओंकार का प्रमोशन वर्ष 2007 में हुआ था। फरवरी 2017 तक 10 साल का अनुभव पूरा हो पाता। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई। कहा गया कि मामला कोर्ट जा सकता है। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने प्रो. ओंकार सिंह के नाम का अनुमोदन निरस्त कर दिया। प्राविधिक शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रो. एमजेड खान को प्राविधिक शिक्षा मंत्री फरीद महफूज किदवई के पर्सनल सेक्रेटरी (पीएस) बनने का फायदा मिला है। मंत्री ने नाम प्रस्तावित किया और मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी। नाम अनुमोदन के बाद आरोपों की झड़ी मुख्यमंत्री से नाम अनुमोदित होते ही प्रो. एमजेड खान के खिलाफ आरोपों की झड़ी लग गई। प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मोनिका एस गर्ग से शिकायत करके कहा गया कि प्रो. खान की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। हाईकोर्ट ने प्रमोशन और नियुक्ति का मामला निरस्त किया था। इस तथ्य को छुपाकर अनुभव 10 साल से ज्यादा करा लिया गया। यह सब कुछ महीने पहले कराया गया है। यदि प्रो. खान की नियुक्ति हुई तो मामला कोर्ट तक जा सकता है। इसी तरह प्रो. ओंकार सिंह के नाम पर भी आपत्ति की गई थी।