उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला कारागार में एक साथ कई कैदी डिप्रेशन में आ गए हैं। इसका कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। जिला अस्पताल उर्सला के डॉक्टरों की टीमों ने इनका उपचार और काउंसिलिंग शुरू की है।
गुरुवार को उर्सला अस्पताल के डॉ. चिरंजीव प्रसाद और मनोवैज्ञानिक स्वाती जिला जेल पहुंचीं। डॉ. चिरंजीव प्रसाद ने बताया कि 50 बंदी डिप्रेशन के मिले हैं। इनमें 15 बंदी 30 साल तक की उम्र के हैं। चार महिलाएं भी डिप्रेशन में हैं। मनोवैज्ञानिक स्वाती ने बताया कि जेल में अकेलेपन और कुछ बंदियों में अपराधबोध के कारण डिप्रेशन आ जाता है। कुछ बंदी परिजनों के मिलने न आने के कारण डिप्रेशन में आ गए हैं। वहीं, जेल में पीसीओ के दो बूथ से बंदियों की बात कराई जाने लगी है।