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इत्रनगरी का सियासी संदेश: चुनाव के दौरान वोटर पास, अब नेताओं की सियासी परीक्षा, जानें क्यों बिगड़ा है समीकरण

Fri, 12 May 2023 03:20 PM IST
हिमांशु अवस्थी तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: 13 मई को होने वाली वोटों की गिनती से साफ होगा कि जनता ने सियासी पार्टियों के लिए सोचा है। इसके साथ ही, इत्रनगरी का सियासी संदेश लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचेगा।  
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कन्नौज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सत्ता के गलियारे में हाई प्रोफाइल जिले में शुमार इत्रनगरी कन्नौज की सियासी परीक्षा अब शुरू हुई है। वोटर ने तो अपना फैसला सुना दिया है। वोटर ने किस नेता की सुनी और किसकी अनदेखी की। इसका फैसला 13 को होने वाली वोटों की गिनती में साफ हो जाएगी। नतीजों से न सिर्फ यहां की सियासी फिजा की तस्वीर साफ होगी, बल्कि सियासी चेहरों की हैसियत के कद को भी तय करेगी।

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कभी समाजवादी पार्टी के गढ़ रहे कन्नौज में अब भाजपा का कब्जा है। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में सपा को पटखनी देकर क्लीन स्वीप करने वाली भाजपा ने पंचायत चुनाव के दौरान ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भी लपक ली थी। अब बारी निकाय चुनाव की है। चूंकि वोटरों ने अपना फैसला सुना दिया है। उन्हें किसके नसीब पर अपनी रजमंदी का ठप्पा लगा है।
यह तो बैलेट बॉक्स में कैद हो गया है, लेकिन यह तय है कि 13 मई को जब पिटारा खुलेगा, तो उसमें से निकलने वाला सियासी संदेश सूबे की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी दिल्ली तक जाएगा। किस नेता का कितना जादू वोटर पर चला या किस नेता की बातों और वादों को जनता ने नकार दिया इससे भी बहुत कुछ साफ होगा। लोकसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले के इस सियासी परीक्षा में पास होने के लिए नेता भी प्रार्थना कर रहे हैं।

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तब दो सीट पर थी भाजपा-बसपा, सपा थी शून्य
पिछले चुनाव में जिले में भाजपा बहुत ज्यादा कमाल नहीं कर सकी थी। छिबरामऊ नगर पालिका और सौरिख नगर पंचायत में ही उसके टिकट पर खड़े हुए उम्मीदवारों को जीत मिली थी। सदर में भाजपा की काफी किरकिरी हुई थी। 2012 में सदर सीट जीतने वाली भाजपा सूबे की सत्ता में होते हुए भी 2017 में सदर सीट पर चौथे नंबर पर रही थी।

13 मई को साफ होगा जनता का संदेश
बसपा को गुरसहायगंज नगर पालिका और समधन नगर पंचायत में कामयाबी मिली थी। सपा का किसी सीट पर खाता भी नहीं खुला था। कन्नौज, तालग्राम, सिकंदरपुर, तिर्वा में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सियासी पार्टियों को पटखनी देकर जीत हासिल की थी। अब इस बार जनता ने क्या संदेश दिया है, यह 13 मई को साफ होगा। साथ राजनैतिक पार्टियों का भविष्य भी तय होगा।

सदर में मची रही गदर, परिसीमन ने बिगाड़ा समीकरण
जिले की आठ सीट में से सदर नगर पालिका की सीट पर खूब सियासी गदर हुआ। यहां एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए सियासी पार्टियों ने खूब तिकड़म किया। इस सीट पर कब्जे के लिए भाजपा ने अपने ही गुट से छिटके निर्दलीय उम्मीदवार को वोटिंग से ठीक 24 घंटे पहले अपने पाले में करके बढ़त लेने की कोशिश की। उसे बसपा के साथ ही पिछली बार की तरह निर्दलीय उम्मीदवार से ही कड़ी टक्कर होती दिख रही है।
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नई परिसीमन के चलते बिगड़ा है समीकरण
सियासी जानकार यह भी कह रहे हैं कि कन्नौज नगर पालिका के नई परिसीमन के तहत नए इलाकों के शामिल होने से कईयों का समीकरण ही गड़बड़ा गया है। नए इलाकों के वोटर का साथ हासिल करने के लिए कोशिश सभी ने की, लेकिन वहां से निकला सियासी संदेश ने कईयों के चेहरे की हवाईयां उड़ा रखी हैं। लोगों की जुबान पर भी शहर में शामिल नए इलाकों के वोटर की गतिविधियों की चर्चा रही।
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