पहले भी पकड़ा जा चुका है आरोपी
आरोपी पहली बार वर्ष 2000 और दूसरी बार वर्ष 2001 में असलहा फैक्टरी के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। वह पुराने तमंचे ठीक करने का भी काम करता था। जिले और पड़ोसी जिलों में आर्डर पर तमंचे बनाकर बेचता था। एक तमंचा छह हजार रुपये में बेचता है।
जाल बिछाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
थानाध्यक्ष मुकेश सिंह ने बताया कि कई दिन पहले असलहा फैक्टरी संचालन की भनक लगी थी। पुलिस ने फैक्टरी संचालक से संपर्क किया। कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में असलहों की जरूरत बताई थी। झांसे में आकर संचालक रावेंद्र असलहे देने को तैयार हो गया था। जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा जा सका है।
असलहा खराब होने पर बदलने की गारंटी
फैक्टरी संचालक खरीददारों को असलहे पर गारंटी देता था। असलहों को गुणवत्तापरक होने का दावा करता था। आरोपी से सदी वर्दी में पुलिस डील करने पहुंची थी। तभी उसने असलहा खराब होने पर बदलने की गारंटी तक ली थी। साथ ही, सुधारने की बात भी कही।