संचालक के पीछे ही आ रहे थे दोनों
इसके बाद गमछे से हाथ और पैर बांधकर रुपयों का भरा बैग लेकर फरार हो गए। शोर करने पर लुटेरे कुछ दूर पर बाइक छोड़ कर भाग गए। कोतवाल बेनीमाधव त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित के पीछे इसके केंद्र पर कार्य करने वाले दोनों लोग नौशाद व रणवीर भी आ रहे थे।
रामवीर बदल रहा है बयान, मामला संदिग्ध है
दोनों में लगभग एक किमी का फैसला रहा होगा। रामवीर लूटी गई रकम को लेकर बार-बार बयान बदल रहा है। अन्य कई ऐसे तथ्य निकल कर सामने आ रहें हैं, जिनसे घटना पूरी तरह से संदिग्ध लग रही है। क्राइम ब्रांच और एसओजी को भी लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।