इनपर भी है पैनी नजर
सुरक्षा एजेंसी उन संदिग्धों पर भी नजर रख रही है जो पहले किसी न किसी आतंकी संगठन के संपर्क में थे। 2017 में आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का खुलासा हुआ था, जिसमें कानपुर के पांच आतंकी शामिल थे। उनके संपर्क में 30 से अधिक लोग थे। उनकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
सोशल मीडिया की भी निगरानी
पीएफआई को जांच एजेंसियों ने कट्टरपंथ फैलाने वाला और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया है। पिछले कुछ समय में देखा गया है कि कट्टरपंथी संगठन के लोगों ने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाया है। वह युवाओं को टारगेट कर उनसे संपर्क करते हैं। बातचीत कर भड़काते हैं। इसलिए पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया की भी निगरानी कर रही हैं।