कानपुर देहात। कोहरे की धुंध के साथ बुधवार सुबह अचानक हुई बेमौसम बारिश से अकबरपुर क्रय केंद्र पर खुले में रखा सरकारी खरीद का धान भीग गया। हालांकि तिरपाल से बोरे ढके होने से आंशिक नुकसान का अनुमान है। इधर मौसम खराब होने से धान खरीद नहीं हो सकी।
धान की सरकारी खरीद के लिए 86600 मीट्रिक टन का लक्ष्य है। 52 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों पर खरीदा गया धान सुरक्षित रखने के निर्देश हैं लेकिन शेड उपलब्ध नहीं होने से खुले आसमान के नीचे खरीदा गया धान एकत्र कर दिया गया है। मिलर्स को क्रय केंद्र से धान भेजने की गति धीमी है। जबकि दो दिन चालकों की हड़ताल रही। इसकी वजह से यहां से धान मिलर्स को नहीं भेजा जा सका। बुधवार सुबह मौसम गड़बड़ा गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसकी वजह से अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र पर खुले में रखे धान की बोरियां भीग गई। तिरपाल ऊपर से तो ढका गया था लेकिन किनारों पर खुला होने से धान भीग गया। जबकि एक किसान का तौल के लिए रखी धान भरी बोरियां भी बारिश में भीग गई। इधर मौसम खराब होने की वजह से क्रय केंद्रों पर धान की तौल नहीं हुई। अकबरपुर क्रय केंद्र प्रभारी लवदीप सोनी ने बताया कि सरकारी खरीदा गया धान तिरपाल से ढका है। किनारों की तरफ बौछार से बोरियां गीली हो गई हैं। मौसम खुलने पर बोरियां सूख जाएंगी। श्रमिक लगाकर तिरपाल ठीक कराया जा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश की वजह से सरकारी खरीद का धान न भीगे इसके लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने और बारिश की वजह से क्रय केंद्रों पर धान की तौल पर असर पड़ा है।