दिनभर लगी रही सर्विलांस टीम
हत्या की खबर मिलते ही झांसी से डीआईजी जोगेंद्र सिंह, कानपुर एडीजी जोन आलोक सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने सिपाही के हत्यारों तक पहुंचने के लिए अपने सभी संसाधनों को झोंक दिया था। इसमें एसटीएफ, खोजी कुत्ते, सर्विलांस टीम हत्यारों तक पहुंचने के लिए दिन भर मशक्कत करते रहे।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले, कईयों से पूछताछ
पुलिस की टीमों ने सीसीटीवी कैमरे, घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की खोजबीन भी की। घटना के बाद से ही जिले में एसटीएफ ने डेरा डाला हुआ था। पुलिस के कई अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिल गए हैं और जल्द ही इस मामले का खुलासा हो सकता है।
मौके से मिली बोरी, कई कबाड़ी उठाए
सिपाही के हत्या के दूसरे दिन भी पुलिस की टीमों ने घटनास्थल की पड़ताल की और वहां पर सुराग तलाशे। इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। पुलिस को वहां से चप्पल, गमछा और एक बोरी भी मिली है। पुलिस ने इस बोरी के आधार पर शहर के कई कबाड़ियों को उठाया और उनसे पूछताछ की।
कबाड़ियों से पुलिस को मिली है बड़ी लीड
बताया जा रहा है कि इन कबाड़ियों के आधार पर पुलिस को बड़ी लीड मिली है। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह से सक्रिय किया हुआ है। पुलिस अधिकारी जिस तरह से इत्मीनान से जल्द खुलासा करने की बात कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि पुलिस के हाथ आरोपियों की गर्दन तक पहुंच गए हैं।
हत्या के तरीके से बढ़ा संदेह
हत्या में कहीं पहचान वालों का हाथ, तो नहीं भेदजीत सिंह की जिस तरीके से हत्या की गई है। परिस्थितियां इस ओर भी इशारा कर रहीं हैं कि हत्या करने वाले सिपाही के परिचित भी हो सकते हैं। भेदजीत सिंह की ड्यूटी हाइवे चौकी पर है। वह उस क्षेत्र में काफी सक्रिय रहता था। उसकी वहां पर काफी लोगों से जान-पहचान भी थी।
आशंका है कि बदमाश परिचित भी हो सकते हैं
बताया जा रहा है कि बाइक सवार बदमाश हाइवे पर गलत साइड से आ रहे थे और उन्होंने टार्च लगाने पर भेदजीत सिंह पर फायर कर दिया था। सिपाही की बदमाशों से भिड़ंत भी हुई थी, इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हत्या करने वाले बदमाश उसके परिचित भी हो सकते हैं।