मिड डे मील पकाने से पहले सामग्री की जांच करते शिक्षक।
- फोटो : midday meal
पतारा के कुुंवरपुर गांव में मिडडे-मील में बनी रोटी-सब्जी खाने से 21 बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद शनिवार को स्कूल में सिर्फ चार बच्चे ही पहुंचे। बच्चों कड़ी देखरेख में एमडीएम बनवाया गया। खाना परोसने के समय खंड शिक्षाधिकारी नीरज उमराव और जिला समन्वयक (एमडीएम) सौरभ पांडेय स्कूल पहुंचे।
शुक्रवार को कुंवरपुर (तेजपुर) के परिषदीय विद्यालय में मिडडे-मील खाने के बाद 21 बच्चे बीमार पड़ गए थे। सभी को सीएचसी पतारा में भर्ती करवाया गया था। शनिवार को सिर्फ चार बच्चे स्कूल पहुंचे। बच्चों के चेहरों पर घटना का खौफ दिखा। खंड शिक्षाधिकारी नीरज उमराव ने बताया कि नई तैनाती होने तक स्कूलों की व्यवस्था संभालने को एबीआरसी (सह समन्यवक) उदयवीर सिंह भदौरिया और कृष्णमुरारी की ड्युटी लगाई गई है।
जांच नायब तहसीलदार (घाटमपुर) आरके शुक्ला कर रहे हैं। शनिवार को निलंबित किए गए शिक्षकों के पक्ष में कुंवरपुर और तेजपुर गांवों के तमाम लोग तहसील पहुंचे। एसडीएम कमलेशचंद्र बाजपेई ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कुंवरपुर गांव के स्कूल में तैनात तीनों महिला रसोइयों को निलंबित कर देने की बात कही है। शनिवार को मिडे मील पकाने के लिए तेजपुर गांव के स्कूल में कार्यरत महिला रसोइया बुलाई गईं। जांच पूरी होने तक स्कूल के रसोई कक्ष को सीज कर दिया गया है।