मौके पर मौजूद पुलिस बनी रही मूकदर्शक
काफी देर तक घटनाक्रम चलता रहा और मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बृजनंदन के सिर में भी टकोरा से हमला किया गया। परिजन घायल बृजनंदन, चंदन व त्रिपुरारी को लोहिया अस्पताल लेकर आए। डॉक्टर ने बृजनंदन व चंदन को रेफर कर दिया।
Farrukhabad Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस पर दूसरे पक्ष से मिले होने का आरोप
नाला मछरट्टा स्थित नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान बृजनंदन की मौत हो गई। सूचना पर एएसपी डॉ. संजय कुमार, सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह, कोतवाल सचिन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों ने सरह चौकी पुलिस पर दूसरे पक्ष से मिले होने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
एसपी से मिलने पहुंचे परिजनों को पीआरओ ने भगाया
पैर में गोली व सिर पर टकोरा लगने से घायल बृजनंदन को एंबुलेंस से लेकर परिजन एसपी के आवास पर गुहार लगाने पहुंचे। वहां आधा घंटे मिन्नत करने के बाद भी पीआरओ ने परिजनों को एसपी से नहीं मिलने दिया। पुत्र को धक्का देकर बाहर निकाल दिया। वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर एसपी को जानकारी हुई।
Farrukhabad Murder Case
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परिवार को तंग करती है पुलिस
सरह चौकी में तैनात सिपाही चौहान ने बृजनंदन के नाबालिग पुत्र विशाल पर मारपीट व फायरिंग की घटना के बाद लाठी से पीट दिया। इससे विशाल का हाथ सूज गया। विशाल ने आरोप लगाया कि पुलिस आए दिन पूरे परिवार को परेशान करती है।
सिपाही चौहान से हुई थी हाथापाई
सूत्रों के मुताबिक इस घटना से गुस्साए लोगों ने चौकी के सिपाही चौहान से हाथापाई कर उसकी वर्दी भी फाड़ दी। सिपाही ने किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई। बताया जा रहा है कि इसी घटना से पुलिस परिवार को परेशान कर रही है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में भी आक्रोश है।
Farrukhabad Murder Case
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पिता-पुत्र का कर दिया था चालान
बृजनंदन की भैंस की एक सप्ताह पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। बृजनंदन ने दूसरे पक्ष के लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाकर चौकी में तहरीर दी। इसमें एक लाख रुपये का नुकसान होने की बात बताई थी। पुलिस ने इस मामले में बृजनंदन व उसके पुत्र को पकड़ लिया और दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया।
मृतक पर हत्या सहित कई गंभीर धाराओं के मुकदमे हैं दर्ज
सरह निवासी बृजनंदन पर हत्या, जानलेवा हमले सहित कई गंभीर धाराओं के 40 मुकदमे जनपद हरदोई व फर्रुखाबाद में दर्ज हैं। एक मुकदमे में हरदोई की अदालत से आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। वह पैरोल पर बाहर चल रहे थे। बृजनंदन का क्षेत्र में दबदबा था।