नर्सिंग होम संचालक ने कर्मचारियों के साथ मिलकर पास ही मक्का के खेत में शव फेंक दिया। इसके बाद नर्सिंग होम बंद कर सभी भाग निकले। खेत में शव मिलने से परिजनों को पूरे मामले की जानकारी हुई। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने तिर्वा-कन्नौज रोड पर शव रखकर जाम दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही कई थानों का फोर्स पहुंच गया। किसी तरह ग्रामीणों-परिजनों को शांत कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और एक घंटे बाद जाम खुलवाया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता की मौत के बाद आर्थिक संकट से उभरने के लिए शुरू की थी नौकरी
हादसे का शिकार हुए जीतू के पिता राजेंद्र की करीब छह साल पूर्व मौत हो गई। घर में मां और छोटे भाई के पालन के लिए उसने मेहनत-मजूदरी शुरू कर दी थी।
जिला मुख्यालय से रवाना हुई स्वास्थ्य टीम
नर्सिंग होम में हादसे की सूचना मिलते ही प्रभारी सीएमओ डॉ. डीपी आर्या रवाना हुए है। डीपी आर्या ने बताया कि नर्सिंग होम पंजीकृत है कि नहीं इसकी जांच की जाएगी। अवैध अस्पताल मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।