बता दें कि मरगायां गांव की महिला प्रधान मोनी वाल्मीकि ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 18 जुलाई को गांव के कम्पोजिट विद्यालय में ग्राम सभा की बैठक थी। बैठक में आए कुछ लोगों ने उसके साथ गाली गलौज की थी। विरोध करने पर अधिकारियों के सामने ही प्रधानी न चला पाने की धमकी दी थी।
अधिकारियों को पति मानसिंह कदौरा छोड़ने चला गया। बैठक में विरोध करने से नाराज दंबंगों ने रात नौ बजे घर मे घुसकर जाति सूचक शब्दो का प्रयोग कर अपमानित किया और थप्पड़ मार दिया।11 वर्षीय पुत्री ने जब बचाने का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट की। आरोप हैं कि उक्त लोग हाथों में बंदूकें लिए थे।
पति के लौट कर आने पर पूरी बात बताई और रात 11 बजे कदौरा थाने में पहुच कर लिखित शिकायत की। महिला प्रधान के साथ हुई मारपीट की घटना से प्रधान संघ में रोष व्याप्त हैं। प्रभारी निरीक्षक उमाकांत ओझा ने बताया कि मामला आपसी शिकायत को लेकर हैं। तहरीर मिली हैं जांच की जा रही हैं।
चुनाव से ही रख रहे खुन्नस
मरगांया गांव में सामान्य सीट पर मोनी वाल्मीकि ने चुनाव में बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। यह बात गांव के दबंगो को नागवार गुजरी। उन्होंने मोनी वाल्मीकि और उसके पति मानसिंह को बुला कर स्वयं प्रधानी करने का फरमान सुनाया था। इस पर मोनी वाल्मीकि ने मना कर दिया। उसी समय से दबंग खुन्नस रख रहे हैं।