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Nazul Property Case: अवनीश से 10 करोड़ में हुआ था सौदा, हरेंद्र को पांच करोड़ दिए…ऐसे छिपाकर भेजे थे झांसी

Tue, 27 Aug 2024 10:09 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सिविल लाइंस स्थित एक हजार करोड़ रुपये की जमीन कब्जाने के प्रयास के मामले में जेल भेजे गए सपा छात्र सभा के नगर अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। राहुल के मुताबिक अभी तक दिए गए रुपयों का इंतजाम कांग्रेस के पूर्व विधायक दिवंगत अजीत सिंह के बेटे अमित ने किया था।
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सिविल लाइंस नजूल की जमीन जहां कब्जे का प्रयास हुआ था वहां फिर तैनात की गई पीएसी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित एक हजार करोड़ रुपये की नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में जेल भेजे गए सपा छात्र सभा के नगर अध्यक्ष राहुल वर्मा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी कराने तक के लिए हरेंद्र मसीह से अवनीश और उसके साथियों से 10 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था।

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इसके बाद 25 लाख रुपये हरेंद्र की संस्था को श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स के खाते से भेजे गए। फिर पांच करोड़ रुपये हरेंद्र को नकद दिए गए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान चेकिंग को देखते हुए ये रुपये मछली के दानों के बीच छिपाकर लोडर से झांसी पहुंचाए गए थे। इसके बाद झांसी से आकर हरेंद्र ने 24 अप्रैल को जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अवनीश के पक्ष में कर दी थी।
बता दें, मामले में पुलिस अवनीश दीक्षित और राहुल वर्मा को जेल भेज चुकी है। फरार अन्य लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार राहुल ने पूछताछ में बताया है कि अधिवक्ता अजय शर्मा ने अवनीश दीक्षित, कांग्रेस के पूर्व विधायक दिवंगत अजीत सिंह के बेटे अमित सिंह उर्फ मीतू सिंह, विक्की चार्ल्स, मोहित बाजपेई, जितेश झा, रामप्रताप सिंह, हरिओम गुप्ता सुधांशु तिवारी व सरस शुक्ला की हरेंद्र मसीह से मुलाकात कराई थी।

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पॉवर ऑफ अटार्नी होने के बाद दिए जाने थे बचे रुपये
हरेंद्र से नजूल की जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी के लिए 10 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था। बतौर एडवांस 25 लाख रुपये संस्था के खाते से भेजे गए थे। पांच करोड़ रुपये कैश देने की बात हुई थी। बचे रुपये पॉवर ऑफ अटार्नी होने के बाद दिए जाने थे। इस बीच पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।

राहुल बोला- कब्जे के बाद बनने वाले प्रोजेक्ट में तय हुई थी हिस्सेदारी
पुलिस के मुताबिक राहुल ने बताया कि अभी तक सारे रुपये अमित सिंह उर्फ नीतू ने ही लगाए हैं। तय हुआ था कि नजूल की जमीन पर कब्जा होने के बाद जो भी प्रोजेक्ट बनेगा, उसमें अमित व चार अन्य लोग रुपये लगाएंगे। प्रोजेक्ट में सबकी हिस्सेदारी और शेयर भी तय हुआ था।

कंपनी में साइनिंग अथार्टी है अमित सिंह
जिस फर्म (श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स) के जरिये हरेंद्र मसीह की संस्था को 25 लाख रुपये दिए गए थे, उसमें काकादेव निवासी अमित सिंह भी साइनिंग अथॉरिटी है। अमित के जरिये ही रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था। अमित राजा भइया की पार्टी से भी ताल्लुख रखता है। शहर में चलने वाले पांच बीकानेर के आउटलुक भी अमित के पास हैं। इसके अलावा कानपुर देहात व फतेहपुर में भी करोड़ों की संपत्ति है।
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राहुल से पूछताछ के दौरान आचार संहिता के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये के नकद लेनदेन की बात सामने आई है। रुपये मिलने के बाद ही हरेंद्र ने 24 अप्रैल को जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अवनीश के नाम की थी। इन लोगों की लोकेशन भी कई बार झांसी में मिली है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  -श्रवण कुमार, डीसीपी पूर्वी
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