पॉवर ऑफ अटार्नी होने के बाद दिए जाने थे बचे रुपये
हरेंद्र से नजूल की जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी के लिए 10 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था। बतौर एडवांस 25 लाख रुपये संस्था के खाते से भेजे गए थे। पांच करोड़ रुपये कैश देने की बात हुई थी। बचे रुपये पॉवर ऑफ अटार्नी होने के बाद दिए जाने थे। इस बीच पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
राहुल बोला- कब्जे के बाद बनने वाले प्रोजेक्ट में तय हुई थी हिस्सेदारी
पुलिस के मुताबिक राहुल ने बताया कि अभी तक सारे रुपये अमित सिंह उर्फ नीतू ने ही लगाए हैं। तय हुआ था कि नजूल की जमीन पर कब्जा होने के बाद जो भी प्रोजेक्ट बनेगा, उसमें अमित व चार अन्य लोग रुपये लगाएंगे। प्रोजेक्ट में सबकी हिस्सेदारी और शेयर भी तय हुआ था।
कंपनी में साइनिंग अथार्टी है अमित सिंह
जिस फर्म (श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स) के जरिये हरेंद्र मसीह की संस्था को 25 लाख रुपये दिए गए थे, उसमें काकादेव निवासी अमित सिंह भी साइनिंग अथॉरिटी है। अमित के जरिये ही रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था। अमित राजा भइया की पार्टी से भी ताल्लुख रखता है। शहर में चलने वाले पांच बीकानेर के आउटलुक भी अमित के पास हैं। इसके अलावा कानपुर देहात व फतेहपुर में भी करोड़ों की संपत्ति है।
राहुल से पूछताछ के दौरान आचार संहिता के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये के नकद लेनदेन की बात सामने आई है। रुपये मिलने के बाद ही हरेंद्र ने 24 अप्रैल को जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अवनीश के नाम की थी। इन लोगों की लोकेशन भी कई बार झांसी में मिली है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -श्रवण कुमार, डीसीपी पूर्वी