बांदा। शुक्रवार को नवाबी जामा मस्जिद में जुमा की नमाज के बाद नातिया कलाम गूंजते रहे। मशहूर बुजुर्ग शख्सियत रहे मदरसा जामा अरबिया, हथौरा के बानी (संस्थापक) हजरत मौलाना हाफिज कारी सैय्यद सिद्दीक अहमद (साकिब बांदवी) की लिखी कई नातें मदरसे के पूर्व उस्ताद मौलाना उसमान (सहारनपुर) ने आकर्षक लहजे में सुनाई।
इससे मरहूम मौलाना की याद ताज़ा हो गई। बड़ी तादाद में लोगों ने दिलचस्पी से सुना। मस्जिद मुतावल्ली डा. शेख सादी जमा, पेश इमाम मौलाना अमीनुद्दीन, मौलाना तारिक, वासिफ जमां खां, हाजी शब्बीर अली बबलू , हाजी मो. शाकिर, पूर्व डीडीसी मो. इदरीस वगैरह मौजूद रहे। संवाद