जेल से रिहा होने पर हुआ था भव्य स्वागत
बिधूना तहसील क्षेत्र के अजीतपुरवा निवासी राजेश सिंह यादव बताते हैं कि वर्ष 1982 में पूर्व विधायक रामाधार शास्त्री व पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह ने कैथावा में बैठक की थी। बैठक में नेता जी भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने पार्टी को मजबूत करने की हुंकार भरी थी। रामाधार के पुत्र अनिल कुमार शास्त्री ने बताया कि वर्ष 1967 में बकेवर कांड के बाद जेल से रिहा होने पर स्वर्गीय रामाधार शास्त्री, अर्जुन सिंह भदौरिया सांसद इटावा, मुलायम सिंह यादव विधायक जसवंतनगर का लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया था।
साइकिल से बिधूना आते थे नेताजी
ताजपुर निवासी लायक सिंह सेंगर बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव 1954 में पहली बार बिधूना आए थे। उन्हें जब भी समय मिलता तो साइकिल से बिधूना आ जाते थे। वह 10 मई 1957 को सत्याग्रह आंदोलन के दौरान नेता जी के साथ जेल गए थे।
न झुकने दिया, न हौसला डिगने दिया
पूर्व विधायक प्रमोद कुमार गुप्ता के बड़े भाई व नेता जी के करीबी भगवानदास गुप्ता ने बताया कि मुलायम सिंह यादव से वर्ष 1974 में मुलाकात हुई थी। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। 1975 में हुए जेपी आंदोलन में नेता जी के साथ कई लोग जेल गए। हम सबको कई यातनाएं दी गई, लेकिन नेता जी ने हमको न तो झुकने दिया और न ही किसी का हौसला कमजोर होने दिया।
हर किसी को दिल में बसाया
बिधूना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय राजेंद्र सिंह यादव के पुत्र राजेश प्रताप सिंह यादव ने बताया कि मुलायम सिंह यादव जब भी बिधूना आते थे तो पिता जी से जरूर मिलते थे। वह पिता को गुरू मानते थे। बताया कि नेता जी ने हर किसी को दिल में बसाया। किसी कार्यकर्ता को कभी छोटा महसूस नहीं होने दिया।