मुख्तार पर हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट,गैंगस्टर रंगदारी व धोखाधड़ी आदि के मामले दर्ज थे। इसमें भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या भी शामिल है। मुन्ना बजरंगी व बृजेश सिंह के बीच छिड़े गैंगवार को बढ़ाने वाला भी मुख्तार अंसारी ही था।
मुख्तार अंसारी किसी समय में खौफ का दूसरा नाम हुआ करता था। 63 साल के मुख्तार पर यूपी के अलावा दिल्ली और पंजाब राज्यों में करीब 59 गंभीर मुकदमें दर्ज हैं। इनमें से दो में तो उसे आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। पंजाब जेल में मुख्तार की बादशाहत चलती थी, लेकिन जब से उसे प्रदेश की जेलों और खासतौर से बांदा की जेल में लाया गया, तभी मुख्तार माफिया कम और बीमार अधिक हो गया।
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मुख्तार पर हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट,गैंगस्टर रंगदारी व धोखाधड़ी आदि के मामले दर्ज थे। इसमें भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या भी शामिल है। मुन्ना बजरंगी व बृजेश सिंह के बीच छिड़े गैंगवार को बढ़ाने वाला भी मुख्तार अंसारी ही था। यही कारण था कि राजनीतिकों में भी उसका खौफ था। सियासत के साथ अपराधों की बढ़ती फेहरिस्त ने उसे बहुत कम समय में ही माफिया बना दिया था।