जेल में खास की होती है कद्र
हालांकि जेल में आम आदमी की कद्र नहीं है, लेकिन खास की कद्र ऐसी है कि जेल अधिकारियों और कर्मियों को अपनी नौकरी बचाना मुश्किल हो रही है। सूत्रों की मुताबिक कहने को तो बाहुबली जेल में है, लेकिन सुविधाओं में कोई कमी नहीं रही।
सूत्रों के मुताबिक, ताक पर होते थे कायदे-कानून
रसूख इस कदर हावी था कि किसी जेल कर्मी की विरोध करने की हिम्मत नहीं होती थी। निलंबित जेल अधीक्षक हों या फिर पूर्व में कार्रवाई की जद में आ चुके जेलर व डिप्टी जेलर भी रसूख के सामने बौने साबित हो गए। जेल सूत्रों के मुताबिक कायदे-कानून ताक पर रख दिए गए थे।
डीएम बोलीं- वो खुद करेंगी निगरानी
न चाहते हुए भी मजबूर थे। उधर, नवागंतुक डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का कहना है कि प्रकरण उनके पहले का है। पूर्व में जेल में मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच के आधार पर शासन ने कार्रवाई की गई है। अब वह खुद जेल में निगाह रखेंगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में सख्त कार्रवाई होगी।
जेल में बंद बंदियों का मांगा ब्योरा
बांदा जेल की चहारदीवारी में मौजूदा में बंद बंदियों का ब्योरा खंगाला जाएगा। शासन ने हरेक बंदी की डिटेल तलब की है। हालांकि इस संबंध में जेल अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे। सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि मुख्तार अंसारी से जुड़े लोग भी किसी न किसी जुर्म में जेल में हैं।
जेलर बोले- अभी कुछ नहीं बता सकेंगे
मुख्तार अंसारी के जेल आने वाले समय से लेकर अब तक जितने भी बंदी जेल पहुंचे हैं, उनका ब्योरा तलब किया गया है। मुख्तार के करीबियों के जेल में होने की सत्यता सामने आने पर शासन कड़ा रुख अपना सकता है। इस संबंध में जेलर का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल वह कुछ भी नहीं बता सकेंगे।