झोलाछाप महिला ने सामान्य प्रसव कराने का दावा करते हुए इलाज शुरू किया। शाम को नूरजहां ने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं न मिल पाने के कारण नवजात की मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद नूरजहां की हालत भी बिगड़ गई। परिजनों को इसका पता चला, तो हंगामा किया।
दुकान से नवजात का शव बरामद
हंगामा होते देख झोलाछाप महिला मौके से भाग गई। परिजन नूरजहां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी बुधवार देर रात पुलिस को दी गई। रात करीब 12 बजे पुलिस टीम ने झोलाछाप की दुकान पर छापा मारकर यहां से नवजात का शव बरामद किया।
पहले भी हुई हैं कई घटनाएं
इसके बाद प्रसूता और नवजात के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। गोपामऊ न्यू पीएचसी के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन जिस झोलाछाप महिला पर आरोप है। उसके गलत इलाज से पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। प्रभारी निरीक्षक टड़ियावां अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिलते ही झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
तो सीएमओ के निर्देश का कोई असर नहीं
बीती 23 अगस्त को ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहताश कुमार ने टड़ियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और इसके आसपास संचालित प्राइवेट अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। गोपामऊ और टड़ियावां के बीच की दूरी बामुश्किल 12 किलोमीटर है। सीएमओ ने सख्त नसीहत मातहतों को दी थी कि कहीं भी बिना पंजीकरण के अस्पताल न चलने दिए जाएं और झोलाछाप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद एक झोलाछाप के गलत इलाज से महिला और नवजात की मौत हो गई।