इटावा। लगातार तीन दिन से सुबह पड़ रहा कोहरा लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा हैं। दो दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को स्कूल, कॉलेज और कार्यालय खुलने के बाद बच्चों व लोगों को घने कोहरे में घर से निकलना पड़ा। सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। ऐसे में बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए अपने परिजनों के वाहनों से अथवा स्कूली वैन से जाना पड़ा। वाहन सवारों को लाइटें जलाकर व धीमी गति से वाहन चलाने पड़े।
घने कोहरा की वजह से सुबह कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई। इसके लिए उन्हें सड़क पर धीमी गति से साइकिल चलानी पड़ी। कोहरा की वजह से सुबह टहलने वाले लोगों की संख्या भी कम देखने को मिली। हालांकि दिन में करीब 11 बजे हल्की धूप निकलने की वजह से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। राहत की बात यह है कि अभी दिन में गलन भरी सर्दी नहीं पड़ रही है। सुबह और शाम को ही सर्दी पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले पांच दिनों तक हल्के बादल छाए रहने के आसार बने हुए हैं।
कोहरे की वजह से वाहन हो या ट्रेनें सभी की रफ्तार पर तीन दिनों से ब्रेक लग रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कतें ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। मंगलवार को भी टूंडला जाने व कानपुर से आने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनें दो घंटे से लेकर छह घंटे की देरी से इटावा से होकर गईं।
नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से इटावा आई। जबकि लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से इटावा आई। दो घंटे की देरी से आईं ट्रेनों में इंटरसिटी एक्सप्रेस, नीलांचल, कालका व जोधपुर- हावड़ा एक्सप्रेस,महानंदा एक्सप्रेस,तीन घंटे की देरी से आने वाली ट्रेनों में गोरखपुर- ओखा, वैरावल-बनारस व कोटा पटना एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, मगध व कैफियत एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से आईं।