चित्रकूट जिला जेल प्रकरण में मुख्य आरोपी जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर व वार्डर के जेल में जाने के बाद मामला खत्म नहीं हुआ है। इसकी जांच जारी है। अभी चार और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर संदेह है। कुछ और गिफ्ट आदि की बरामदगी होनी है। सोमवार को डिप्टी जेलर पीयूष त्रिपाठी व एक वार्डर से पूछताछ जारी रही।
दस फरवरी को जिला जेल में नियमों के विपरीत बंदी विधायक अब्बास अंसारी को उसकी पत्नी निखत बानो व चालक समेत अन्य लोगों से मिलाने का भंडाफोड़ हुआ था। इसमें अब्बास समेत आठ लोग नामजद हुए थे। इन पर जेल से भगाने की साजिश, विदेशी मुद्रा की बरामदगी, रंगदारी मांगने, फोन का प्रयोग, महंगे गिफ्ट देने, प्रलोभन देने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसी क्रम में एसआईटी व एसटीएफ की जांच जारी है। अबतक आठ लोगों को जेल भेजा गया है।
दस से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जेल के अन्य अधिकारी व वार्डरों से पूछताछ जारी है। सोमवार को डिप्टी जेलर पीयुष त्रिपाठी व एक वार्डर रहीम से फिर से तीन घंटे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार डिप्टी जेलर व वार्डर ने बताया कि उनकी मुख्य गेट में डयूटी रहती थी। जेल में चल रही इस गतिविधि की उन्हें जानकारी थी लेकिन कभी अधिकारियों से चर्चा होने पर उन्हें अपना काम करने के निर्देश दिए जाते थे। सूत्रों के अनुसार जेल तक पहुंची मोटी रकम व मंहगे गिफ्टों में इन सबका भी आंशिक हिस्सा होता था।
कितना अबतक इन दोनों को मिला है इस सवाल पर दोनों कन्नी काटते रहे। जांच टीम इनके सभी कागजात, बैंक पास बुक व घरों की स्थिति की जानकारी जुटा रही है। घटना के दिन जब डीएम एसपी पहुंचे थे तो यही दोनों मुख्य गेट पर थे और अधिकारियों को देखकर अंदर चले गए थे। जांच टीम ने जब कई सीसीटीवी फुटेज दिखाए तो दोनों ने कबूल किया कि उन्हें जानकारी है कि रुपयों के प्रलोभन पर ही जेल के एक कमरे में विधायक अब्बास व निखत को मिलाया जाता था। बताया गया है कि जब वार्डर जगमोहन किसी अन्य काम पर होता तो उसकी जगह रहीम वार्डर उसके बैरक के पास रहता था।
जिस जेल के अधिकारी वहां आरोपी के रूप में पहुंचे
जिस जेल में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर व वार्डर अधिकारी के रूप में काम करते रहे। बंदियों को जेल के नियमों का पालन कराते रहे। वही इस प्रकरण में अब यही अधिकारी व वार्डर आरोपी बनकर सोमवार की सुबह पहुंचे। यह नजारा देखकर जेल के अन्य अधिकारी, कर्मचारी से लेकर बंदी हैरत से पूरा क्रम देखते रहे।
एक को छोड़ा अब छूट सकता है दूसरा भी संदिग्ध
जेल प्रकरण में जांच टीम की जद में आए तरौंहा के जावेद को दो दिन की पूछताछ के बाद संतुष्ट होने पर पुलिस ने छोड दिया है। इसके अलावा दूसरे अभिलाष से पूछताछ जारी है। जानकारी मिलने पर जांच टीम संतुष्ट हुई है। सूत्रों के अनुसार अब इसे भी जल्द ही छोडा जा सकता है।