जेल में पकड़ी गईं विधायक की पत्नी निखत बानो व गेट पर पकड़े गए वाहन चालक नियाज के साथ आए कुछ अन्य लोगों की मानें तो यह क्रम 14 फरवरी वैलेंटाइन डे तक चलना था। शुक्रवार 10 फरवरी को मिलने के बाद अब उनकी मुलाकात वैलेंटाइन डे 14 फरवरी को होनी थी।
चित्रकूट जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कहा जाता है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है, लेकिन जिस तरह रजिस्टर में बिना दर्ज किए विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी जेल के अंदर आती-जाती रहती थी, उसको लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा कि जेल में बनाए गए नियम सिर्फ गरीबों के लिए हैं। राजनीतिक पहुंच वालों के लिए नियम मायने नहीं रखते।
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जेल में मुख्य गेट से लेकर अंदर तक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। साथ ही ऊंचे स्थान पर टावर बने हैं। वहां से आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जाती है। प्रमुख गेट के बाहर कैदियों से मिलने के लिए इंट्री होती है। समय-समय पर डीएम, एसपी और अन्य अधिकारी जेल का निरीक्षण करते हैं। इसके बाद भी जेल के अंदर आराम से अब्बास अंसारी की पत्नी मिलने के लिए आती-जाती रही।
हर बार चर्चा में रहा वार्डन जगमोहन
जिला जेल में तैनात सिपाही जगमोहन हर बार चर्चा में रहता है। जब भी कोई बड़ी चूक या घटना होती है, उसका नाम जरूर आता है। मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से लेकर चित्रकूट की जेल में मुख्तार अंसारी के तीन शूटरों की मौत में भी वह चर्चा में रहा।
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अब विधायक अब्बास की पत्नी को उससे मिलवाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने में जो निलंबित हुए हैं, उनमें इसका नाम भी शामिल है। जिला जेल रगौली में निखत बानो को डिप्टी जेलर के कार्यालय में विधायक अब्बास अंसारी से मिलवाने से लेकर विधायक को बैरक तक पहुंचाने और लाने की जिम्मेदारी वार्डर जगमोहन के इशारे पर ही होती थी।
जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से इसकी पुष्टि हो सकती है। जेल के कुछ बंदी बताते हैं कि वार्डन जगमोहन जेल में आने वाले अधिकारियों को अपनी बातों और पहुंच से प्रभावित करता है।
इसके बाद वह अपने ढंग से माननीय व विधायकों के अलावा चर्चित लोगों को उनके रिश्तेदारों से मिलवाने और सुविधाएं पहुंचाने का काम करता है। कई बार यह निलंबित भी हो चुका है। इस घटना में उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है और जेल प्रशासन ने उसे निलंबित भी किया है।
कब्जे में लिए सीसीटीवी के फुटेज
डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि जेल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लिया गया है। एक सप्ताह का रिकार्ड देखा जाएगा। इससे काफी जानकारी मिल सकेगी।
वैलेंटाइन डे तक यह क्रम जारी रखना था
जेल में पकड़ी गईं विधायक की पत्नी निखत बानो व गेट पर पकड़े गए वाहन चालक नियाज के साथ आए कुछ अन्य लोगों की मानें तो यह क्रम 14 फरवरी वैलेंटाइन डे तक चलना था। शुक्रवार 10 फरवरी को मिलने के बाद अब उनकी मुलाकात वैलेंटाइन डे 14 फरवरी को होनी थी। इसके लिए जेल के अधिकारियों से लेकर सिपाहियों को जानकारी थी। इसके बाद 14 की ही रात उनकी पत्नी को घर लौटना था। उन्हें पता नहीं था कि घर लौटने के पहले वह सब जेल पहुंच जाएंगे।
यूं रहा घटनाक्रम
शुक्रवार 11 फरवरी
दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर जेल परिसर पहुंचीं निखत बानो।
12 बजकर 20 मिनट पर सुरक्षा घेरे से जेल गेट के अंदर, डिप्टी जेलर के कमरे में पहुंंची।
12 बजकर 28 मिनट पर बैरक से एक सिपाही के साथ विधायक अब्बास भी कमरे में आया।
1 बजे- डीएम एसपी प्राइवेट वाहन से जेल परिसर पहुंचे।
1 बजकर 15 मिनट में विधायक की बैरक में पहुंचे।
1 बजकर 20 मिनट पर मिलाई केंद्र वाले कमरे में पहुंंचे।
1 बजकर 25 मिनट पर मुख्य गेट के पास डिप्टी जेलर के कमरे पहुंचे तो सारा मामला सामने आ गया।
1 बजकर 30 मिनट पर महिला सिपाही अंदर पहुंची और विधायक की पत्नी को पकड़ा
1 बजकर 35 मिनट पर डीएम एसपी ने सारे अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ की रजिस्टर देखे।
2 बजकर 5 मिनट पर डीएम एसपी पूरी कार्रवाई के बाद जेल से लौट आए।
4 बजे सिपाही विधायक की पत्नी व उसके चालक को अपने कब्जे में लेकर जेल परिसर के ही दूसरे सुरक्षित स्थान पहुंचे।
8 बजे दोनों को कड़ी सुरक्षा में महिला थाने लाया गया।
11 बजे तक डीएम एसपी से लेकर कानून के जानकारों के साथ इनके अपराध की सूची व एफआईआर दर्ज कराई गई।
शनिवार सुबह
11 बजकर 30 मिनट पर डीएम और एसपी ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी सार्वजनिक की।
1 बजकर 40 मिनट पर पुलिस ने निखत बानो व चालक नियाज का मेडिकल परीक्षण कराया।
3 बजकर 10 मिनट पर अदालत लेकर पहुंची।