हर जिले में एक सेंटर उद्यान विभाग और दूसरा सेंटर केवीके विकसित करेगा। बजट की व्यवस्था मनरेगा से होगी। एक परियोजना पर एक करोड़ चार लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
समूहों की तर्ज पर होगा संचालन
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए मनरेगा मजदूरों को काम दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की तर्ज पर इनका संचालन भी मनरेगा मजदूरों को सौंपे जाने पर चर्चा हो रही है, उद्यान विभाग संचालन की निगरानी करेगा।
शासन स्तर पर सभी जनपदों में दो-दो मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। विभागीय मंत्री के साथ ही उद्यान और ग्राम्य विकास विभाग के आला अधिकारी पूरी परियोजना की निगरानी कर रहे हैं। उन्नत खेती के साथ ही फल और सब्जी का उत्पादन करने वाले किसानों के साथ ही मनरेगा के लिए भी उक्त परियोजना फायदेमंद साबित होगी। - डॉ. डीएस यादव प्रभारी अधिकारी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, कन्नौज