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जंजीरों में जकड़ा जीवन: ससुराल की प्रताड़ना ने बनाया विक्षिप्त, मायके वालों ने बांधा…मां बोली- कहीं भाग न जाए

Wed, 07 Aug 2024 05:11 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

Hamirpur News: मानसिक बीमार बेटी को दो साल तक मायके में जंजीरों में जकड़ कर रखा गया था। युवती की मां का आरोप है कि ससुरालीजनों की प्रताड़ना से दिमागी संतुलन बिगड़ गया था। मामले की जानकारी पर प्रोबेशन विभाग ने युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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जिला अस्पताल में पैर में बंधी जंजीर के साथ भर्ती महिला। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ससुरालीजनों की प्रताड़ना का सदमा एक युवती पर इस कदर हुआ कि वह अपनी सुधबुध खो बैठी। मानसिक संतुलन खो चुकी युवती को परिजन मायके ले आए। उसने बार-बार घर से भागने की कोशिश की, तो बेबस परिजनों ने उसे जंजीरों से जकड़ दिया।

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हमीरपुर जिले में दो साल से जंजीरों में बंधा जीवन जी रही युवती का मामला जब प्रशासन तक पहुंचा, तो महिला को प्रोबेशन विभाग की पहल पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां हालत नाजुक होने पर युवती को कानपुर रेफर कर दिया गया।

महिला की मां ने ससुरालीजनों की प्रताड़ना के चलते महिला का मानसिक संतुलन बिगड़ने का आरोप लगाया है। जलालपुर थानाक्षेत्र के पुरैनी गांव निवासी सुमन (25) की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व जालौन के आटा थानांतर्गत ददरी गांव निवासी महेंद्र से हुई थी।

ससुरालियों ने मारापीटा और गंदे आरोप लगाए
सुमन की मां जनकिया ने आरोप लगाया कि ससुरालीजनों की प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। ससुरालीजनों ने उसे मारापीटा, मोबाइल पर बात करने को लेकर गंदे आरोप लगाए। इस पर मुकदमा चला और बेटी की हालत बिगड़ती चली गई।

बेटी को जंजीर से बांधकर रखना पड़ता है
दो साल पहले वह मायके आकर रहने लगी। वह घर से कहीं निकल न जाए, इसलिए उसे जंजीर से बांधकर रखना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 12 दिन पूर्व वह डीएम व एसपी से मिली थीं। उन्होंने अधिकारियों को बेटी के बारे में जानकारी दी।

चिकित्सकों ने युवती को कानपुर रेफर कर दिया
इस पर उन्होंने उसके ठीक होने की बात कहकर इलाज कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बेटी दो साल से जंजीरों में कैद है। उसे मंगलवार को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. मोहित के अनुसार महिला मानसिक रूप से बीमार है।
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जिलाधिकारी बोले- मामले की जांच कराई जाएगी
वह बार-बार बोल रही थी कि छोड़ दो मैं भाग जाऊंगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि एसडीएम सरीला का महिला को लेकर फोन आया था। इस पर प्रकरण की जानकारी हुई है। इस पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे कानपुर रेफर किया गया है। वहीं, जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने मामले की जांच करानी की बात कही है।
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