कानपुर। सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा उत्पादन से जुड़े आयुध निर्माणियों, डीजीक्यूए, डीआरडीओ और नेवी डीजीएक्यूए के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आयुध कंपनी म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि ओवरटाइम और बोनस के निर्धारण में मकान भत्ता एवं यात्रा भत्ता को शामिल कर एरियर का भुगतान किया जाए। यह मामला एक जनवरी 2006 को लागू हुए छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से जुड़ा है। इस आदेश से पूरे देश 79,000 कर्मचारी। जिनमें 20 प्रतिशत पेंशनर भी शामिल हैं लाभान्वित होंगे। कानपुर नगर के 4700 कर्मियों को लाभ मिलेगा। आल इंडिया डिफेंस फ़ेडरेशन के पूर्व राष्ट्रीय सदस्य घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुए इस आदेश से लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को दो से तीन लाख तक का एरियर मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है।