कानपुर। नजीराबाद थानाक्षेत्र के लाजपत नगर निवासी कीर्ति रमन सचदेवी ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि केशव नगर निवासी अभय शुक्ला ने सितंबर 2021 में मुम्बई में अरुण शुक्ला से मुलाकात कराई थी। अरुण ने खुद को बैंकिंग एंड फाइनेन्सियल सर्विस में डीएसए बताया था। आरोप है कि अभय ने अरुण के साथ मुंबई के एक होटल में बैठक कराई, जिसमें अरुण ने बताया कि गिरीश के पटेल ने भारत सरकार को 300मिलियन यूएस डॉलर लोन दिया था। बताया कि प्रोजेक्ट के लिए सरकार से रुपया लेने के लिए गिरीश के पटेल ने उसे अधिकृत किया है। उसने सरकार द्वारा लोन की स्वीकृति संकेतक दस्तावेज भी दिखाये। अरुण पर विश्वास करके उसने हामी भर दी। अरुण ने उससे व्यक्तिगत समस्या निपटाने को दो लाख रुपये लिए। अरुण उससे विभिन्न मद में रुपये लेता रहा। वह जब रुपये देने में आनाकानी करता तो अरुण उसे डर दिखाता कि अगर रुपया नहीं दिया तो प्रोजेक्ट बंद हो जायेगा। इस चक्कर में लाखों रुपये देकर वह कर्जदार हो गया और उसे अपना एक फ्लैट गोपाल को ब्याज पर ली रकम चुकाने के लिए देना पड़ा। नजीराबाद पुलिस ने बताया कि डीसीपी के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। (संवाद)