आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया
मामले का आरोप पत्र दोषी विशोशर के खिलाफ दो दिसंबर 2015 को अदालत में भेजा गया। 19 जनवरी 2016 को आरोपी बनाया गया। न्यायाधीश ने 31 पृष्ठीय फैसले में विशोशर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया। दोषी घटना के समय से ही जेल में था।