कानपुर। फीटा की ओर से सोमवार को फजलगंज स्थित होटल में सीपीआर और बेसिक लाइफ सेफ्टी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें डॉक्टरों की टीम ने सीपीआर के महत्व और आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। प्रशिक्षक प्रियेश मिश्रा ने बताया कि हृदय गति रुकने के बाद का समय गोल्डन पीरियड होता है। इस दौरान सीपीआर देकर 80 प्रतिशत लोगों को बचाया जा सकता है। जले व्यक्ति के घाव को बहते पानी से धोकर साफ कपड़े से ढकने की जानकारी भी दी गई। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। फीटा महासचिव उमंग अग्रवाल ने बताया कि 100 से अधिक फायर सर्विस कर्मियों और उद्यमियों ने भाग लिया। इसमें बीपी, शुगर, बोन डेंसिटी, ईसीजी और लंग्स कैपेसिटी की जांच हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने सभी 12 अग्निशमन केंद्रों पर ऐसे शिविर लगाने की बात कही। कोऑर्डिनेटर अनुराग द्विवेदी ने नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की जानकारी दी। मौके पर डॉ. विजय शर्मा, डॉ. मयंक सिंह, परमानंद पांडेय, मनीष मतानी, अरुण ओमर, अभिषेक अग्रवाल, अंकित गुप्ता, प्रदीप केडिया, रजत गुप्ता, पुनीत मित्तल, शिवकुमार गुप्ता, शिवदरस प्रसाद आदि मौजूद रहे।