खदान संचालक बोला- मांग रहे थे रंगदारी
खदान संचालक ने दी गई तहरीर में कहा है कि फरवरी माह से खदान का संचालन किया जा रहा है। उसी समय से ब्लॉक प्रमुख कमासिन द्वारा रंगदारी मांगी जा रही थी। उनके द्वारा रंगदारी न देने पर करीब 15 बार बागै नदी में बांदा और चित्रकूट जनपद के अधिकारी द्वारा नाप जोख की गई।
गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज
खदान का सीमांकन भी किया गया था। 19 मार्च को मृतक सचिन के डूबने की घटना का बहाना मिल जाने पर उन्होंने घटना को अंजाम दिया है। थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने बताया कि खदान संचालक की तहरीर पर 12 नामजद सहित 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुरानी रंजिश और राजनीतिक विरोध के चलते घटना में उन्हें शामिल किया गया है। घटना के समय वह नारायणपुर गांव में थे। प्रधानपति धीरेंद्र शुक्ला व प्रधान शिवाकांती शुक्ला दोनों कानपुर में थे। आरोपी बुद्ध विलास व सतेंद्र शुक्ला दोनों अपने-अपने पेट्रोल पंप पर बैठे थे, जिसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। -रावेंद्र गर्ग, ब्लॉक प्रमुख, कमासिन