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4-9-2020 कानपुर का स्पाइडर-मैन

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(पुलकित) फोटो ओपी कानपुर का स्पाइडर-मैन, पलक झपकते चढ़ जाता दीवार कानपुर। गोविंद नगर दादा नगर कॉलोनी निवासी यशार्थ सिंह गौड़ 8 साल की उम्र में कानपुर के स्पाइडर-मैन बन गए। छोटी बड़ी दीवारों में ऐसे चढ़ जाते हैं जैसे लोग सीढ़ियों पर चढ़ते हो। मिनटों में 10 से 12 फीट की दीवार को वह पलक झपकते ही अपने पैरो से नाप देते है। यशार्थ कक्षा तीन के छात्र है। यथार्थ घर में पहले छुप-छुपकर दीवारों पर चढ़ा करते थे। दीवार पर चढ़कर वह उल्टा लटक जाते थे। एक दिन बड़े भाई कार्तिकेय ने मां गरिमा को इसकी जानकारी दी। पिता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने कई बार डांटा पर असर नहीं हुआ। एक दिन यथार्थ ने अपनी फेसबुक आईडी पर वीडियो डाल दिया। जिसमें एक महीने में 5,40,000 लोगों ने देखा। एक लाख एक हजार लाइक व एक लाख कमेंट आए। यह देख घरवाले हैरान हो गए। छोटी सी उम्र में 12 फीट की दीवार से छलांग लगा देना। बिजली के खंभों पर चढ़ जाना। 12 फीट की दीवार पर पैरों को फंसा कर जमकर बैठ जाना यथार्थ के लिए आम बात है। यथार्थ सिंह ने बताया कि स्पाइडर-मैन मूवी देख कर जब घर में कोई नहीं होता था तो धीरे-धीरे प्रैक्टिस शुरू की। कई बार गिर गए पर किसी को नहीं बताया। एक दिन भईया ने देख लिया और सब को बता दिया। अब कॉलोनी के लोग मुझे कहते हैं कानपुर का स्पाइडर-मैन। Dsc 0297 Dsc 288 Dsc 283 Dsc 331 ओपी संवाद
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