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सूचना न देने पर डीपीआरओ महोबा पर लगाया 25 हजार जुर्माना

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- जान बूझकर सूचनाएं दबाए बैठे रहे सूचनाएं महोबा। राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय ने जिला पंचायतराज अधिकारी महोबा पर सूचना का अधिकार के तहत जान बूझकर सूचनाएं ना देने के आरोप में 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की धनराशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। बता दें कि महोबा निवासी गोविद दास सोनी ने वर्ष 2016 में डीपीआरओ से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। इसके बाद भी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। गोविददास सोनी ने राज्य सूचना आयोग से सूचना के संबंध में दूसरी बार फिर अपील की। 28 नवंबर 2019 को राज्य सूचना आयोग की ओर से इसकी जांच की गई। आयोग के आदेशों, निर्देशों की अवहेलना किए जाने व वादी को जान बूझकर समय से सूचना न दिए जाने का जिला पंचायत राज अधिकारी को दोषी पाया गया।जिसके तहत राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के नियम के तहत डीपीआरओ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आदेश दिया गया है कि वादी को मांगी गई सूचनाएं 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाए। ऐसा नहीं होता तो सूचना अधिकारी अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी। विभाग की ओर से बाद में आदेश में कहा गया है कि 20 मई 2020 व 11 नवंबर 2020 व 24 मार्च 2021 की तिथि निर्धारित कर डाक से नोटिस प्रेषित किए गए, लेकिन सूचना देने का कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया।
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