कानपुर। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड लगातार बढ़ती जा रही है 17 और 18 जनवरी की रात का पारा दो डिग्री लुढ़क कर 2.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया पिछले 22 वर्षों बाद आज के दिन इतना कम तापमान रहा। 1999 में आज के दिन इतना पारा दर्ज किया गया था।
चंद्रशेखर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि 'ला नीना प्रभाव की वजह से इस बार पूरे भारत में भीषण ठंड पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ला निना जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभावों की एक बड़ी वजह है। प्रशांत महासागर में 'ला नीना' की वजह से बदलाव की शुरुआत होती है और इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिलता है। पांडेय ने बताया कि इस बार ठंड की निर्धारित अवधि के बाद भी ठंडक पड़ने की संभावना दिख रही है।