कानपु। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भोजपुरी फिल्मों में लंबे समय से परोसी जा रही अश्लीलता पर रोक लगाते हुए कड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इस तरह से बनने वाली फिल्मों पर सरकारी अनुदान पर रोक लगा दी है। भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता पर रोक लगाने के लिए एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के चेयरमैन राजू श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस पर रोक लगाने और इसके खिलाफ कड़ा कानून बनाने का अनुरोध किया था जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल निर्देश जारी किया।
मुलाकात के दौरान राजू श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से कहा कि ऐसी फिल्मों और गानों से हमारी संस्कृति और समाज पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। जिसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। जिस पर मुख्यमंत्री योगी ने भी स्वीकार किया कि ऐसी फिल्में और गाने जो अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, उन फिल्मों पर सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि (अनुदान) अब नही दिया जाएगा।
चेयरमैन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वेब सीरीज और टीवी सीरीयल को भी फिल्मों की भांति सब्सिडी के दायरें में लाना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्त्री ने बताया कि वेब सीरीज और टीवी सीरीयल को कुछ शर्तों के साथ सब्सिडी देने पर सरकार विचार कर रही है।
राजू श्रीवास्तव ने मुख्य मंत्री को यह भी बताया कि जिन 62 फिल्मों की स्क्रिप्ट का परीक्षण किया गया है, उनमें से कुछ फिल्मों की स्क्रिप्ट पर इसलिए रोक लगा दी गई, क्योंकि यह फिल्म अश्लीलता और अनैतिकता के साथ-साथ सरकार की ओर बनाई गई फिल्म नीति के निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।
बताया कि कुछ फिल्मों की स्क्रिप्ट को पुनः विचार के लिए समिति के सदस्यों के पास दोबारा भेज दिया गया है ताकि उसका गहन अध्ययन किया जा सके।
चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि जिन फिल्म निर्माताओं की फिल्में पहले ही रिलीज हो चुकी हैं, उनके निर्माताओं को सब्सिडी का भुगतान जल्द ही किया जाएगा।