सीएसए मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आ रही हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में ठहरा पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ा है। इसके असर से बादल आ सकते हैं। इससे बूंदाबांदी, हल्की बारिश हो सकती है। इससे उमस भरी गर्मी और बढ़ेगी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कानपुर समेत आसपास के शहरों में तपिश दो-तीन दिन और बढ़ेगी। पारा दो-तीन डिग्री और उछाल मार सकता है। इसके बाद मौसमी गतिविधियां बदलेगीं। मौसम विज्ञानी इसे गर्मी की चरम अवधि मान रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आ रही हैं।
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इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में ठहरा पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ा है। इसके असर से बादल आ सकते हैं। इससे बूंदाबांदी, हल्की बारिश हो सकती है। इससे उमस भरी गर्मी और बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग का आकलन है कि इस बार मानसून चार दिन से एक सप्ताह तक पिछड़ सकता है। कानपुर परिक्षेत्र में मानसून 28-29 जून को आता है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह 17 मई के सामान्य औसत तापमान से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं रात तक न्यूनतम तापमान सामान्य औसत 24.6 डिग्री सेल्सियस के बराबर चल रहा है। डॉ. पांडेय ने बताया कि प्रशांत महासागर में अल-लीनो आ गया है। यह एक मौसमी गतिविधि होती है जिसका प्रभाव माहौल पर आता है।
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तापमान
अधिकतम- 41 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 26.4 डिग्री सेल्सियस
गर्मी से बचाव
- सर्दी-गर्मी से बचें, ठंडे कमरे से अचानक बाहर न निकलें।
- बाहर निकलें तो पीने का पानी साथ रखें।
- घर से खूब पानी पीकर निकलें।
- गरिष्ठ भोजन न करें, पेय पदार्थ ज्यादा लें।
- टोपी, सनग्लास और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।