इस दौरान व्यापारियों ने जिला व्यापार बंधु की बैठक में केवल पंजीकृत संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल किए जाने की मांग के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वैट और जीएसटी से जुड़े मामलों में आ रही दिक्कतों को भी प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने कहा कि कई मामलों में बिना पक्ष सुने एक्स-पार्टी आदेश जारी हो जाते हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे मामलों में दोबारा सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अपीलीय मामलों में भी व्यापारियों और उद्यमियों के पक्ष में निर्णय न होने की समस्या रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कारोबार प्रभावित है, ऐसे में छापेमारी की कार्रवाई न की जाए। कागजात पूरे होने के बावजूद गाड़ियों को रोके जाने पर भी आपत्ति जताई गई।