मिर्जा इंटरनेशनल ग्रुप के चार प्रतिष्ठानों पर आयकर सर्वे की कार्रवाई में करोड़ों रुपये की टीडीएस चोरी पकड़ी गई है। जांच में पता चला है कि मिर्जा इंटरनेशनल और रेडटेप के अलग होने के बाद टीडीएस में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। तमाम कर्मचारियों के पास पैन नंबर नहीं हैं। उनका पांच प्रतिशत टीडीएस काटना चाहिए था लेकिन केवल एक प्रतिशत ही काटा जा रहा था और जमा भी नहीं किया जा रहा था।
आयकर विभाग की टीडीएस विंग की अलग-अलग चार टीमों ने शुक्रवार दोपहर में सिविल लाइंस स्थित कृष्णा टॉवर में यूरो फुटवियर, ग्वालटोली स्थित कार्यालय के साथ उन्नाव स्थित मिर्जा इंटरनेशनल फैक्ट्री और नोएडा स्थित कार्यालय में सर्वे किया था। जांच 12 घंटे तक चली। शुक्रवार रात साढ़े तीन बजे कार्रवाई खत्म हुई। सूत्रों ने बताया कि जांच-पड़ताल में पता चला है कि ग्रुप में पांच-छह साल से टीडीएस में गड़बड़ी की जा रही थी।
कमीशन मद, खरीद-बिक्री के पर्चों, कर्मचारियों के वेतन, भत्तों में टीडीएस नहीं काटा जा रहा था। बताया गया कि मिर्जा इंटरनेशनल से अब रेडटेप कंपनी अलग हो गई है। अलग होने की प्रक्रिया और इसके बाद टीडीएस में गड़बड़ी मिली है। फैक्ट्री में कई हजार कर्मचारी काम करते हैं और जॉबवर्क पर काम कराया जाता है। इस मद में भी टीडीएस में अनियमितता मिली है। सभी टीमों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद टीडीएस चोरी में रुपये का आकलन हो सकेगा।