इसके साथ ही बुधवार शाम तक चार रोगी मृतावस्था में इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी लाए गए। इन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने के पहले ही इनकी मौत हो गई थी। यह आंकड़ा कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट आए रोगियों का है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के रोगियों की भी मौत हुई है। ब्रेन अटैक से चार रोगियों की मौत हुई है। इन्हें हैलट लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इनमें जाजमऊ के अमृत (55), चकेरी के राजेश (51), नवाबगंज के विनोद (48) और चौबेपुर के नाथूराम (65) हैं। इन्हें ब्लडप्रेशर और डायबिटीज की दिक्कत रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल डोंगरे ने बताया कि अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से मस्तिष्क की नसों में लीकेज हो जाता है।
ऐसे करें बचाव
- गुनगुना पानी पीयें, हीटर के सामने पानी की बोतल रख लें।
- नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
- गर्म कमरे से अचानक बाहर न निकलें।
- रात में सोते वक्त हीटर वगैरह बंद कर लें।
- गरिष्ठ भोजन न लें, खाने के एक घंटे के बाद सोने जाएं।
- ब्लडप्रेशर, डायबिटीज के रोगी दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
(डॉ. विनय कृष्णा, निदेशक कार्डियोलॉजी)