रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि नई जगह आने के कारण अभी सारस खाना नहीं खा रहा है हालांकि हम लोग लगातार उसे बहलाने के प्रयास में लगे हुए हैं। निगरानी के लिए बाड़े के पास दो कीपर और एक डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी है। साथ ही बाड़े के बाहर एक कैमरा भी लगाया गया है। जिससे सारस की हर गतिविधि उसमें कैद होती रहे। इसके अलावा किसी अन्य कर्मचारी को उसके बाड़े के पास जाने की अनुमति नहीं है।
मसूर और मकई के बीज भी दिए जा रहे
सोमवार को चिड़ियाघर प्रशासन ने उसके खाने का मेन्यू तैयार किया। जिसमें उसे सुबह मसूर और मकई के दाने दिए जाएंगे। दोपहर में उबला आलू, चावल और रात में मछली दी जाएगी। जिससे उसके स्वास्थ्य में किसी तरह की कमी न हो।